(N/A) बॉयल के नियम के अनुसार,स्थिर तापमान पर,गैस की एक निश्चित मात्रा का दाब $(p)$ उसके आयतन $(V)$ के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
गणितीय रूप से: $p \propto \frac{1}{V}$ (स्थिर $T$ और $n$ पर)
$p = k_1 \frac{1}{V} \implies pV = k_1$
चूंकि घनत्व $(d)$ द्रव्यमान $(m)$ और आयतन $(V)$ का अनुपात है,इसलिए $d = \frac{m}{V}$,जिसका अर्थ है $V = \frac{m}{d}$।
इस मान को बॉयल के नियम $(pV = k_1)$ में रखने पर:
$p \left( \frac{m}{d} \right) = k_1$
$p = \left( \frac{k_1}{m} \right) d$
स्थिर तापमान पर गैस की निश्चित मात्रा के लिए $k_1$ और $m$ स्थिर हैं,इसलिए हम $\frac{k_1}{m} = k'$ (एक अन्य स्थिरांक) लिख सकते हैं।
अतः,$p = k' d$,जिसका अर्थ है कि $p \propto d$।
यह दर्शाता है कि स्थिर तापमान पर,गैस की निश्चित मात्रा का दाब उसके घनत्व के समानुपाती होता है।